अकबर पर लगे आरोप बेबुनियाद होगी कार्रवाई
मी टू कैंपेन की वजह से केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री एम जे अकबर पर लगभग 12 महिलाओं ने यौन उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार का आरोप लगाया है । यह घटनाएं तब की है जब एम जे अकबर संपादक व पत्रकार हुआ करते थे । आज एम जे अकबर विदेश राज्य मंत्री हैं । विपक्षी पार्टियों ने इन पर लगे आरोपों की जांच के साथ-साथ इनके इस्तीफे की मांग कर रही है ।
हाल ही में विदेश से लौटने के बाद विदेश राज्य मंत्री एम जे अकबर ने अपने ऊपर लगे यौन उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार पर अपनी चुप्पी तोड़ दी है । उन्होंने कहा है कि वह इस मामले में कानून का सहारा ले सकते हैं और जिन्होंने उन पर आरोप लगाए हैं उन पर कानूनी कार्यवाही कर सकते हैं । उन्होंने यह संदेह जताते हुए कहा कि जब 2019 के लोकसभा चुनाव और कई राज्यों में विधानसभा चुनाव नजदीक है । तब ही आम चुनाव के कुछ महीने पहले ऐसी बातें क्यों उठ रही हैं । उन्होंने बताया कि मेरे खिलाफ जो भी आरोप लगाए गए हैं झूठे हैं ।
केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर ने अपने बयान में कहा कि आम चुनाव से कुछ महीने पहले इस तरह की संदेहास्पद घटनाएं होना एक चाल हो सकती है जिसे कोई भी व्यक्ति विशेष अंदाजा लगा सकता है । मी टू कैंपेन के द्वारा मुझ जो भी आरोप लगाए गए हैं । वह सभी झूठे निराधार और क्रूर हैं । इस से मेरे सम्मान और प्रतिष्ठा की अपूर्णीय क्षति हुई है ।
गौरतलब है कि केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री पर लगाए गए आरोप काफी गंभीर है । जिसे भारतीय जनता पार्टी काफी गंभीरता से ले रही है । वहीं विपक्षी पार्टियां एमजे अकबर का इस्तीफे का मांग कर रही है और केंद्र सरकार से गुजारिश कर रही हैं कि एमजे अकबर के खिलाफ निष्पक्ष जांच कराई जाए । भारतीय जनता पार्टी के आलाकमानो का कहना है कि एमजे अकबर के दोषी पाए जाने पर वह उन पर जरूर कार्यवाही करेंगे । जब तक सब कुछ आईने की तरह स्पष्ट नहीं हो जाता वह कुछ भी नहीं कर सकते । गौरतलब है कि चुनाव काफी नजदीक है ऐसी घटनाओं से भारतीय जनता पार्टी की छवि खराब हो सकती है ।

